Last Updated on September 2, 2026 by Virender Yadav
भारत की राजनीति में पिछले कई दशकों के दौरान जिन नेताओं ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है, उनमें नरेंद्र मोदी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। एक साधारण परिवार से निकलकर देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने की उनकी राजनीतिक यात्रा भारतीय राजनीति की महत्वपूर्ण कहानियों में से एक है।
नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लंबे समय तक काम करने के बाद वर्ष 2014 में भारत के प्रधानमंत्री का पद संभाला। वर्ष 2019 में उन्होंने दूसरी बार और वर्ष 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
वर्ष 2026 में नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल में हैं। जून 2026 में उन्होंने भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय – Quick Overview
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | नरेंद्र दामोदरदास मोदी |
| प्रसिद्ध नाम | नरेंद्र मोदी, नमो |
| जन्म | 17 सितंबर 1950 |
| जन्म स्थान | वडनगर, गुजरात |
| पिता का नाम | दामोदरदास मूलचंद मोदी |
| माता का नाम | हीराबेन मोदी |
| पत्नी | जशोदाबेन |
| राजनीतिक दल | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
| प्रमुख संगठन | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) |
| शिक्षा | राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर |
| पेशा | राजनेता |
| गुजरात के मुख्यमंत्री | 2001–2014 |
| पहली बार प्रधानमंत्री | 26 मई 2014 |
| दूसरी बार प्रधानमंत्री | 30 मई 2019 |
| तीसरी बार प्रधानमंत्री | 9 जून 2024 |
| लोकसभा क्षेत्र | वाराणसी |
| वर्तमान पद | भारत के प्रधानमंत्री |
| प्रधानमंत्री का कार्यकाल | तीसरा कार्यकाल |
| प्रसिद्ध नाम | नमो, मोदी जी |
नरेंद्र मोदी का जन्म और शुरुआती जीवन

नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। उस समय यह क्षेत्र बॉम्बे स्टेट का हिस्सा था और बाद में गुजरात राज्य का गठन हुआ।
उनके पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद मोदी और माता का नाम हीराबेन मोदी था। नरेंद्र मोदी अपने परिवार की साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि में बड़े हुए।
प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवन-कथा के अनुसार, मोदी का बचपन वडनगर में बीता और उन्होंने बहुत कम उम्र में समाज तथा देश के प्रति सेवा की भावना विकसित करनी शुरू कर दी थी। वे स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं।
उनका बचपन सामान्य सुविधाओं से भरे परिवार में नहीं बीता। इसी कारण उनके जीवन की कहानी में संघर्ष, आत्मनिर्भरता और लगातार मेहनत का उल्लेख अक्सर किया जाता है।
नरेंद्र मोदी का परिवार
नरेंद्र मोदी के पिता दामोदरदास मोदी और माता हीराबेन मोदी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा।
नरेंद्र मोदी छह भाई-बहनों में तीसरे थे। उनके परिवार में सोमा मोदी, अमृत मोदी, प्रह्लाद मोदी, पंकज मोदी और बहन वसंतीबेन का उल्लेख मिलता है।
हीराबेन मोदी को नरेंद्र मोदी अपने जीवन में विशेष स्थान देते रहे। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वे समय मिलने पर अपनी मां से मिलने गुजरात जाते रहे। दिसंबर 2022 में हीराबेन मोदी का निधन हुआ।
नरेंद्र मोदी की शिक्षा
नरेंद्र मोदी की प्रारंभिक शिक्षा वडनगर में हुई। बचपन से ही वे पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न गतिविधियों में रुचि लेते थे।
उन्होंने उच्च शिक्षा में राजनीति विज्ञान का अध्ययन किया और गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की।
उनकी शिक्षा को लेकर इंटरनेट पर कई तरह की अधूरी या भ्रमित करने वाली जानकारी मिलती है। इसलिए नरेंद्र मोदी की शिक्षा के बारे में जानकारी देते समय प्रमाणित सार्वजनिक विवरण को ही प्राथमिकता देना उचित है।
नरेंद्र मोदी और RSS से जुड़ाव

Narendra Modi के राजनीतिक जीवन को समझने के लिए उनके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े सफर को समझना महत्वपूर्ण है।
युवा अवस्था में वे RSS के संपर्क में आए। धीरे-धीरे संगठन के साथ उनका जुड़ाव बढ़ता गया और उन्होंने एक पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में भी काम किया।
RSS में रहते हुए उन्हें संगठन निर्माण, अनुशासन, लोगों से संवाद और जमीनी स्तर पर काम करने का अनुभव मिला। यही अनुभव आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
नरेंद्र मोदी का चाय बेचने से जुड़ा जीवन
नरेंद्र मोदी के जीवन से जुड़ी सबसे चर्चित बातों में उनका बचपन में चाय की दुकान पर काम करना भी शामिल है।
उनके अनुसार, बचपन और युवावस्था में उन्होंने अपने पिता के साथ वडनगर रेलवे स्टेशन के पास चाय बेचने में हाथ बंटाया। बाद में अहमदाबाद में अपने चाचा की कैंटीन में भी काम करने का उल्लेख उनके जीवन-वृत्तांत में मिलता है।
2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान “चाय पर चर्चा” अभियान के बाद यह बात देशभर में विशेष रूप से चर्चा में आई।
यह प्रसंग नरेंद्र मोदी की राजनीतिक छवि का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया, क्योंकि इसे उनके साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक पहुंचने की कहानी से जोड़ा जाता है।
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर
नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी में संगठन स्तर पर लंबे समय तक काम किया। उनकी संगठन क्षमता और राजनीतिक रणनीति के कारण पार्टी में उनकी जिम्मेदारियां धीरे-धीरे बढ़ती गईं।
गुजरात के मुख्यमंत्री बनने का सफर
वर्ष 2001 में नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद उन्होंने 2014 तक लगातार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में गुजरात में औद्योगिक विकास, सड़क, बिजली, निवेश और प्रशासनिक सुधार जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।
उनके समर्थक उनके शासन मॉडल को विकास और प्रशासनिक दक्षता से जोड़ते हैं, जबकि उनके राजनीतिक विरोधी और आलोचक उनके शासनकाल की कुछ नीतियों और घटनाओं को लेकर अलग दृष्टिकोण रखते हैं।
इस प्रकार गुजरात का उनका मुख्यमंत्री कार्यकाल भारतीय राजनीति में उनके राष्ट्रीय स्तर पर उभरने का महत्वपूर्ण चरण बना।
नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री बनने का सफर

वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का प्रमुख चेहरा बनाया। उन्होंने पूरे देश में बड़े पैमाने पर चुनाव प्रचार किया।
2014 के लोकसभा चुनाव में BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन को बड़ी सफलता मिली और 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली।
इसके साथ ही वे स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले पहले व्यक्ति बने जो भारत के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को फिर से बड़ी सफलता मिली और 30 मई 2019 को नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद NDA गठबंधन ने सरकार बनाई और 9 जून 2024 को नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह उनका लगातार तीसरा प्रधानमंत्री कार्यकाल है।
नरेंद्र मोदी का 2024 के बाद तीसरा कार्यकाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीसरा कार्यकाल 2024 में शुरू हुआ। इस अवधि में उनकी सरकार ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक, विनिर्माण, ऊर्जा, AI और अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया।
2026 में India AI Impact Summit भी नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उसके वैश्विक प्रभाव पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने AI को मानवता और समावेशी विकास के लिए उपयोगी बनाने पर जोर दिया।
2026 में उनकी सरकार के सामने आर्थिक विकास, रोजगार, शिक्षा, तकनीकी बदलाव, वैश्विक कूटनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण विषय रहे हैं।
नरेंद्र मोदी के प्रमुख अभियान और योजनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक कार्यकाल में कई बड़े अभियान और योजनाएं शुरू या विस्तारित की गईं। इनमें प्रमुख रूप से निम्न नाम लिए जाते हैं –
- स्वच्छ भारत अभियान
- जन धन योजना
- मेक इन इंडिया
- डिजिटल इंडिया
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
- उज्ज्वला योजना
- आयुष्मान भारत
- आत्मनिर्भर भारत
- प्रधानमंत्री आवास योजना
- जल जीवन मिशन
- स्टार्टअप इंडिया
- स्किल इंडिया
इन योजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े बदलाव लाना रहा है।
नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और वैश्विक भूमिका
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने भारत के विदेशी संबंधों को भी अपनी राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।
उन्होंने अमेरिका, यूरोप, खाड़ी देशों, जापान, ऑस्ट्रेलिया, रूस और अनेक अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया।
G20 की भारत की अध्यक्षता के दौरान भी भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। वैश्विक दक्षिण, तकनीक, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषय उनकी विदेश नीति के महत्वपूर्ण हिस्सों में रहे हैं।
नरेंद्र मोदी की कार्यशैली
नरेंद्र मोदी की कार्यशैली में समय प्रबंधन, सार्वजनिक संवाद, तकनीक का उपयोग और बड़े स्तर पर जनसंपर्क प्रमुख विशेषताओं के रूप में दिखाई देते हैं।
वे सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का व्यापक उपयोग करने वाले प्रमुख भारतीय राजनेताओं में शामिल हैं। भाषणों और जनसभाओं के माध्यम से जनता से सीधा संवाद उनकी राजनीतिक शैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उनकी नेतृत्व शैली को लेकर लोगों की राय अलग-अलग हो सकती है। समर्थक उन्हें निर्णायक और मेहनती नेता मानते हैं, जबकि आलोचक उनकी नीतियों और निर्णय लेने की शैली पर सवाल उठाते रहे हैं।
एक जीवनी को संतुलित रखने के लिए इन दोनों दृष्टिकोणों को समझना आवश्यक है।
नरेंद्र मोदी के जीवन से जुड़े विवाद
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक जीवन उपलब्धियों के साथ-साथ विवादों से भी जुड़ा रहा है।
विशेष रूप से 2002 के गुजरात दंगों को लेकर उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल की लंबे समय तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई। इस विषय पर विभिन्न जांचों, कानूनी कार्यवाहियों और राजनीतिक बहसों के अलग-अलग पहलू रहे हैं।
बाद के वर्षों में इस मामले को लेकर नरेंद्र मोदी की कानूनी स्थिति पर भी न्यायिक प्रक्रियाएं हुईं। इसलिए इस विषय को केवल राजनीतिक आरोप या किसी एक पक्ष के दावे के आधार पर समझना उचित नहीं है।
उनके कार्यकाल में नोटबंदी, GST, कृषि कानून और अन्य नीतिगत फैसलों को लेकर भी देश में व्यापक बहस और राजनीतिक विरोध देखने को मिला।
नरेंद्र मोदी का निजी जीवन
नरेंद्र मोदी का विवाह कम उम्र में जशोदाबेन से हुआ था। बाद में वे सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक कार्य में अधिक सक्रिय हो गए।
प्रधानमंत्री बनने से पहले लंबे समय तक उनके निजी जीवन को लेकर सार्वजनिक चर्चा सीमित रही। 2014 के लोकसभा चुनाव के नामांकन के दौरान उन्होंने अपने वैवाहिक विवरण में पत्नी के नाम का उल्लेख किया, जिसके बाद इस विषय पर काफी चर्चा हुई।
नरेंद्र मोदी सार्वजनिक जीवन में सादगी, योग, पढ़ने और अनुशासित दिनचर्या के लिए भी जाने जाते हैं।
नरेंद्र मोदी की पसंद और रुचियां
नरेंद्र मोदी को योग और पुस्तकों में रुचि है। वे भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी उल्लेख करते रहे हैं।
उनके भाषणों में भारतीय परंपरा, विकास, तकनीक, युवा शक्ति और आत्मनिर्भरता जैसे विषय अक्सर दिखाई देते हैं।
वे सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से संपर्क बनाए रखने के लिए भी जाने जाते हैं।
नरेंद्र मोदी के प्रमुख पुरस्कार और सम्मान
नरेंद्र मोदी को भारत और विदेशों में कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। इनमें विभिन्न देशों द्वारा दिए गए सर्वोच्च नागरिक सम्मानों का भी उल्लेख किया जाता है।
उनके प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में –
- सऊदी अरब का King Abdulaziz Sash
- अफगानिस्तान का Order of Abdulaziz Al Saud
- रूस का Order of St. Andrew
- संयुक्त अरब अमीरात का Order of Zayed
- भूटान का Order of the Druk Gyalpo
- फ्रांस का Grand Cross of the Legion of Honour
जैसे सम्मान शामिल हैं।
इन सम्मानों को भारत और संबंधित देशों के बीच संबंधों के संदर्भ में देखा जाता है।
नरेंद्र मोदी की Net Worth
नरेंद्र मोदी की संपत्ति को लेकर इंटरनेट पर कई अलग-अलग आंकड़े मिलते हैं। इसलिए किसी अनुमानित वेबसाइट द्वारा बताई गई राशि को उनकी आधिकारिक Net Worth मानना उचित नहीं होगा।
प्रधानमंत्री की सार्वजनिक संपत्ति घोषणा में उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनकी संपत्ति का विवरण समय-समय पर सामने आता है। इस कारण किसी पुराने लेख में दी गई निश्चित राशि को वर्तमान संपत्ति मानना सही नहीं है।
2026 में नरेंद्र मोदी की बड़ी उपलब्धि
10 जून 2026 नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन की एक महत्वपूर्ण तारीख बनी। इस दिन वे लगातार सेवा के आधार पर भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बने।
इस समय तक उन्होंने लगातार 4,399 दिन प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की थी। इससे उनका लगातार प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड तक पहुंचा।
यह उपलब्धि उनके तीन लगातार लोकसभा जनादेशों के बाद प्रधानमंत्री पद पर बने रहने की लंबी राजनीतिक यात्रा को दर्शाती है।
नरेंद्र मोदी से जुड़े रोचक तथ्य
- नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को वडनगर, गुजरात में हुआ था।
- वे स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।
- उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 2001 से 2014 तक कार्य किया।
- उन्होंने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
- 2019 में उन्होंने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद संभाला।
- 9 जून 2024 को उन्होंने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
- वे वाराणसी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- उनका राजनीतिक जीवन RSS से जुड़े लंबे संगठनात्मक अनुभव से प्रभावित रहा है।
- उनके बचपन और युवावस्था में चाय की दुकान पर काम करने की कहानी उनके सार्वजनिक जीवन का चर्चित हिस्सा है।
- 2026 में वे भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बने।
- उन्हें देश-विदेश में कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
- वे योग और पुस्तकों में रुचि रखते हैं।
- डिजिटल माध्यम और सोशल मीडिया उनके जनसंपर्क के महत्वपूर्ण साधन हैं।
नरेंद्र मोदी के जीवन से मिलने वाली सीख

नरेंद्र मोदी की जीवन यात्रा से सबसे महत्वपूर्ण सीख लगातार प्रयास और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता की मिलती है।
वडनगर जैसे छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में शीर्ष स्थान तक पहुंचना आसान नहीं था। संगठन में वर्षों तक काम करने, लोगों के बीच रहने और राजनीति के अलग-अलग स्तरों पर अनुभव प्राप्त करने के बाद वे मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बने।
उनकी कहानी यह भी बताती है कि किसी व्यक्ति का शुरुआती जीवन उसकी अंतिम पहचान तय नहीं करता। मेहनत, संगठन क्षमता, नेतृत्व और परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को बदलने की क्षमता किसी व्यक्ति को आगे बढ़ने में मदद कर सकती है।
Narendra Modi Biography in Hindi – FAQ
नरेंद्र मोदी का जन्म कब हुआ था?
नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को वडनगर, गुजरात में हुआ था।
नरेंद्र मोदी के पिता का नाम क्या था?
उनके पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद मोदी था।
नरेंद्र मोदी की माता का नाम क्या था?
उनकी माता का नाम हीराबेन मोदी था।
नरेंद्र मोदी की पत्नी का नाम क्या है?
नरेंद्र मोदी की पत्नी का नाम जशोदाबेन है।
नरेंद्र मोदी कितनी बार प्रधानमंत्री बने हैं?
2024 में तीसरी बार शपथ लेने के बाद नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री के रूप में तीसरे कार्यकाल में हैं।
नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री कब बने?
उन्होंने 26 मई 2014 को पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री कब बने थे?
नरेंद्र मोदी वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने और 2014 तक इस पद पर रहे।
नरेंद्र मोदी किस लोकसभा सीट से सांसद हैं?
नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।
नरेंद्र मोदी की शिक्षा क्या है?
उन्होंने राजनीति विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त की और गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की।
नरेंद्र मोदी 2026 में किस पद पर हैं?
सितंबर 2026 तक नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं और अपने तीसरे लगातार कार्यकाल में कार्यरत हैं।
निष्कर्ष
नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय एक ऐसे व्यक्ति की राजनीतिक यात्रा है, जिसने वडनगर से अपनी शुरुआत करके गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर भारत के प्रधानमंत्री तक का सफर तय किया।
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने 2019 और 2024 में भी सत्ता में वापसी की। 2026 तक उनका प्रधानमंत्री के रूप में तीसरा कार्यकाल जारी है और जून 2026 में उन्होंने लगातार सेवा के आधार पर भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री का एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी बनाया।
उनकी राजनीति को लेकर देश में समर्थन और आलोचना दोनों मौजूद हैं, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि नरेंद्र मोदी आधुनिक भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली और चर्चित नेताओं में से एक हैं। उनका जीवन उन लोगों के लिए प्रेरणा का विषय है जो सीमित परिस्थितियों से शुरुआत करके बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं।
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