Fri. Jul 1st, 2022

Virendra Sehwag Biography in Hindi – सहवाग का जीवन परिचय, इतिहास व पुरस्कार (Sehwag Biography, Records, Awards net worth in Hindi) – क्रिकेट की दुनिया के सुलतान पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को दिल्ली के एक अनाज व्यापारी के घर हुआ था। इन्होंने अपना जीवन जॉइंट परिवार में बिताया था। हरियाणा, दिल्ली की गलियों से निकले सहवाग एक दिन इतने बड़े क्रिकेटर बनेगे ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था। यह एक बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक थे। इन्होंने क्रिकेट की दुनिया में खूब नाम कमाया था आज ये दिल्ली में रहते है और अपनी क्रिकेट अकादमी चलाते है। इस पोस्ट में आप Virendra Sehwag Biography in Hindi से जुडी सभी जानकारी प्राप्त करेंगे।

कहा जाता है की उनके पिता बचपन से ही उनको समझ गए थे, इसलिए वो उनके बचपन में ही उनको बैटबॉल लाया करते थे। हरियाणा में जन्में सहवाग के पिता का नाम किशन सहवाग और माता का नाम कृष्णा सहवाग है। इनकी पत्नी का नाम आरती अहलावत है इनके दो बच्चे है, आर्यवीर सहवाग और वेदांत सहवाग है इनके एक भाई और दो बहनें भी है।

Virendra Sehwag Biography in Hindi – संछिप्त परिचय

Virender Sehwag Biography in Hindi

वीरेन्द्र सहवाग की निजी जानकारी संछिप्त में (Virender Sehwag Personal Details In Short):

नाम – वीरेंद्र सहवाग
उपनाम – वीरू
नाम का मतलब – लीडर ऑफ हीरोज,नायक
जन्म – बीस अक्टूबर उन्नीस सौ अठतर (20 Oct 1978)
अलंकृत नाम (Decorate Name) – नजफगढ़ के नवाब,जेन मास्टर ऑफ मार्डन क्रिकेट
गृहनगर – हरियाणा
वर्तमान निवास – 14/5 लक्ष्मी गार्डन,नजफगढ़, New Delhi
Virendra Sehwag Current Age – 42-43 Years
स्कूल/कॉलेज – अरोरा विध्या स्कूल/ जामिया मिलिया इस्मलिया कालेज, दिल्ली
शिक्षा (Educational Qualification) – ग्रेजुएट
भाषा(Languages) का ज्ञान – हिंदी, इंग्लिश
Virendra Sehwag Best Friend’sसचिन तेंदुलकर, हरबजन सिंह
टीम के खिलाडी – इंडिया, एशियन क्रिकेट काउंसिल XI, ICC World XI, Delhi डेयरडेविल्स, Kings XI Panjab
पसंदीदा – किशोर कुमार, रफी, लताजी के गाने सुनना, थ्रिलर मूवी देखना
Virendra Sehwag Coach/Mentor – एएन शर्मा (विकासपूरी क्रिकेट सेंटर)
Sehwag Batting Style – राईट-हैण्ड बैटमेन

सम्पति 40 मिलियन

इंटरनेट पर सहवाग –

Official Website

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Virendra Sehwag Facebook
Virendra Sehwag Instagram Profile

वीरेंद्र सहवाग का बचपन

वैसे तो कहा जाता है की जब सहवाग सात साल के थे तभी उनके पिता उनको बैटबॉल खेलने के लिए लिए लगा करते थे, बाद में जैसे – जैसे वीरेंदर सहवाग बड़े होते गए इनकी रूचि क्रिकेट में बढ़ने लगी, उस समय एक बार ऐसा भी हो गया था की क्रिकेट खेलते समय सहवाग के दाँत टूट गए थे, यह देख उनके पिता उनको क्रिकेट खेलने से मना कर दिए थे, बाद में उनकी रूचि को देखते हुए उनको फिर से खेलने के अनुमति मिल गयी। इन्होंने अपने पहली बार वर्ष 1997-1998 मे दिल्ली क्रिकेट में शामिल होकर अपना कैरियर स्टार्ट किया था। अब तो ये अंतरास्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास भी ले चुके है।

वीरेंद्र सहवाग की शिक्षा (पढाई लिखाई) –

उन दिनों की बात है जब सहवाग पढ़ने लायक हो रहे थे तब वो हरियाणा से दिल्ली आ गए वहां पर इन्होने अरोरा विद्यालय स्कूल में एडमिशन लिया था जहाँ से इन्होने अपनी प्रारंभिक पढाई पूरी की थी। उसी समय से ये क्रिकेट में ज्यादा जोर देने लगे और एक आक्रामक बल्लेबाज के रूप में अपनी पहचान बनाने लगे, फिर बाद में ये स्टेडियम से क्रिकेट खेलने लगे जहाँ इनको कोच अमर नाथ शर्मा मिले यही बाद में सहवाग के क्रिकेट कोच बने। बाद में सहवाग ने जामिया मिलिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन की पढाई पूरी की।

वीरेंद्र सहवाग का क्रिकेट कैरियर –

वर्ष 1997-1998 में सहवाग ने अपने कैरियर की शुरुआत दिल्ली में की थी। वर्ष 1998 मे इनका सिलेक्शन डुलेप ट्राफी के लिये North Zone Cricket Team से हुआ, लिस्ट में इनका नाम पांचवें स्थान पर था। इसके बाद इन्होंने खूब मेहनत करके अगले साल अपना नाम चौथे स्थान पर हासिल किया, जिसमे इन्होंने 274 का स्कोर किया, उसके बाद इनका मैच पंजाब के खिलाफ South Zone मे अगरतला मे 327 बाल्स मे 175 रनों मे रणजी ट्राफी खेला, इसके बाद इनका चयन Under-19 Team में हुआ, जो की साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला गया था।

वन डे इंटरनेशनल कैरियर – (Virendra Sehwag ODI Career)

सहवाग वर्ष 1999 में अपना पहला अंतरास्ट्रीय मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला, जिसमे वो एक रन बनाकर शोएब अख्तर की बाल पर एलबीडब्ल्यू हो गए थे। इस मैच में उनकी बॉलिंग भी अच्छी नहीं थी, इसलिए इन्हें लगभग 20 महीने तक कोई इंटरनेशनल मैच खेलने को नहीं मिला। वर्ष 2000 में भी इनको जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलने का मौका नही दिया गया, लगातार असफल होने के बाद वर्ष 2001 में इनको फिर से बेंगलौर मे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच खेलने का मौका मिला जहाँ इन्होने 54 गेंद मे 58 रन बनाये तथा मैन ऑफ़ थे मैच रहे, तब जाकर ये राष्ट्रीय टीम में चुने गए। यहीं से सहवाग के क्रिकेट जीवन का असली कैरियर शुरू हुआ।

उसी साल पुनः सहवाग ने अपनी सफलता का परचम श्रीलंका मे लहराया जहाँ उनको T20 सीरीज मे न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच के लिए चुना गया था। इस मैच में सचिन चोटिल होने की वजह से नहीं खेल रहे थे , इस मैच में सहवाग ने शतक लगाया यह कारनामा सहवाग ने केवल उनसत्तर गेंदों पर ही कर दिया जो तीसरी ओडीआई में पहली सबसे तेज शतक थी। बाद में यह सचिन के साथ खेलने लगे इन दोनों क्रिकेटर की जोड़ी आज भी लोगों को याद आती है। ऐसे ही अच्छे प्रदर्शन की वजह से सहवाग ओडीआई में नियमित खिलाडी के रूप मे चुन लिए गए।

फिर क्या था जनवरी 2002 में क्रिकेटर गांगुली को चोट लगने के कारण सहवाग को फिर से चांस मिल गया, जिसमे सहवाग ने कानपुर मे इंग्लैंड के खिलाफ चौसठ गेंद मे बयासी रन बना कर एक अच्छी बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया।

इसके बाद वर्ष 2003 में सहवाग ने क्रिकेट वर्ल्ड कप (Cricket World Cup) खेला जिसमे इन्होंने 299 रन बनाये, इसी मैच के दौरान इन्होने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेल कर 82 रन बनाये परंतु दुर्भाग्यवश इसमे India हार गई, लगातार एक के बाद एक मैच खेलते हुए उन्होंने 2003 मे Hyderabad मे न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच खेला जिसमे Sachin Tendulkar और उनकी साझेदारी रही, जिसमे 130 रन बना कर एक सौ बयास्सी रन की पारी खेली तथा चौथी शतक बनाई।

वर्ष 2004 के ODI में तीन MOM Award जीते जो कि श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ खेले गये थे, इनका सबसे अच्छा प्रदर्शन कोच्ची मे रहा जब इन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ खेला उसमे 95 मे 180 रन बना कर शानदार जीत हासिल की।

वर्ष 2009 मे ODI मे न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे तेज शतक बनाया, जो कि 60 पर लगाया था, यह न्यूजीलैंड के खिलाफ फर्स्ट सीरीज थी जिसमे उन्होंने इंडिया का नेतृत्व किया था, यह इनकी एक बड़ी जीत थी।

वर्ष 2011 में MP Indore में सहवाग ने West Indies के खिलाफ खेल कर अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिये, इस मैच में सहवाग ने 149 गेंदों में 229 रन बनाये तथा ODI Cricket मे 8000 का रिकार्ड पार किया, यहाँ वह इंडियन टीम के लिये मजबूत खिलाडी साबित हुए।

इंग्लैंड श्रंखला मे South Africa के पहले दौरे मे 4 Half Centuries के साथ 426 रन बनाये, England दौरे से वापस आने के बाद ICC चैम्पियन ट्रॉफी मे 271 रन बनाये जिसमे इनको दो बार मेन ऑफ दी मैच मिला, यहाँ गांगुली के साथ उनकी साझेदारी अच्छी रही, जिसमे 104 गेंदों मे 126 रन बनाये तथा 8 विकेट से इंग्लेंड के खिलाफ जीत दर्ज कराई।

ODI Records – अर्द्धशतक – 37 शतक 16

Career Highlights

पहला वनडे मैच 1 April 1999 खेला था
आखिरी वनडे मैच 3 Jan 2013 खेला था
पहला टी-20 मैच 1 Dec 2006 को खेला था
आखिरी टी-20 मैच 02 Oct 2012 को खेला था
पहला टेस्ट मैच 3 Nov 2001 को खेला था
आखिरी टेस्ट मैच 5 March 2013 को खेला था

Virendra Sehwag Biography in Hindi  – T20 मे सहवाग का कैरियर

अच्छे प्लेयर होने के नाते बाद में सहवाग ने टी-20 इंटरनेशनलस मैच भी खेलने शुरू किये इसमें भी इन्होने खूब अच्छा प्रदर्शन किया खूब रन बनाये। टी-20 वर्ल्डकप के रिकॉर्ड्स (T-20 World Cup Records) इनिंग्स 7

Virendra Sehwag Biography in Hindi – टेस्ट मैच का कैरियर

  • साल 2001 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेला तथा 105 रन बनाये
  • वर्ष 2002 में इंग्लैंड और जिम्बाब्वे के खिलाफ होम सीरीज़ खेली तथा 84 रन बनाये, तथा दूसरे टेस्ट मैच मे शतक बनाया
  • वर्ष 2003 में फर्स्ट होम सीरीज खेली जो कि वेस्टइंडीज के खिलाफ थी, जिसमे इन्होंने 137 रन बना कर शतक बनाया
  • वर्ष 2004 के प्रारंभ मे मुल्तान मे पाकिस्तान के खिलाफ 309 रन बना कर मुल्तान के सुलतान कहलाएं।
  • वर्ष 2005 मे ही इनको ICC सुपर सीरीज मे आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला, जिसमे फर्स्ट इनिंग कर 76 रन बनाये
  • वर्ष 2006 में लाहौर पहला टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला गया, जिसमे 254 रन बनाये तथा सबसे ज्यादा टेस्ट रन बना कर डबल सेंचुरी बनाई, उसके बाद राहुल द्रविड़ के साथ साझेदारी कर पाकिस्तान के खिलाफ 410 बना कर टेस्ट मैचों के अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिये।
  • वर्ष 2008 में फिर से होम सीरीज मे इन्होंने वापसी की तथा South Africa के खिलाफ अच्छा मैच खेला, तीसरे दिन उन्होंने 257 रन बनाये
  • टेस्ट मैच – अर्द्धशतक 31, शतक 23

Virendra Sehwag Biography in Hindi, से जुडी जानकारी कैसी लगी ?

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