Last Updated on August 14, 2026 by Virender Yadav
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम) एक ऐसे विलक्षण व्यक्तित्व थे, जिन्हें पूरा देश ‘मिसाइल मैन’ और ‘जनता के राष्ट्रपति’ (People’s President) के रूप में याद करता है। उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक साधारण मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता जैनुलाब्दीन एक नाविक थे और माँ आशियम्मा एक गृहणी थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति कठिन होने के कारण बाल कलाम को बचपन में स्कूल के बाद अखबार तक बेचने पड़े। अभावों के बावजूद, सीखने की उनकी भूख और कड़ी मेहनत ने उन्हें रामनाथपुरम से निकालकर मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) पहुँचाया, जहाँ से उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
एक प्रख्यात वैज्ञानिक के रूप में कलाम साहब ने भारत के रक्षा अनुसंधान (DRDO) और अंतरिक्ष संगठन (ISRO) में अपना ऐतिहासिक योगदान दिया। वे भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (SLV-III) और ‘अग्नि’ व ‘पृथ्वी’ जैसी मिसाइलों के विकास के मुख्य सूत्रधार रहे। इसके अलावा, 1998 के पोखरण-II परमाणु परीक्षण में उनकी रणनीतिक भूमिका ने भारत को दुनिया में एक मजबूत परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित किया। उनकी इन्हीं महान उपलब्धियों के कारण उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से अलंकृत किया गया।
वर्ष 2002 में वे भारत के 11वें राष्ट्रपति बने और अपने 5 साल के कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति भवन के दरवाजे आम जनता और बच्चों के लिए खोल दिए। राष्ट्रपति पद से मुक्त होने के बाद वे अपनी अंतिम सांस तक शिक्षण, लेखन और युवाओं के मार्गदर्शन में समर्पित रहे। आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका जीवन, विचार और सादगी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
APJ Abdul Kalam Biography in Hindi – (Biographical Sketch)
| विषय / बिंदु (Field) | विवरण / जानकारी (Information) |
| पूरा नाम (Full Name) | अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम (Avul Pakir Jainulabdeen Abdul Kalam) |
| प्रसिद्ध नाम (Popular Name) | ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’, ‘जनता के राष्ट्रपति’ (People’s President) |
| जन्म तिथि (Date of Birth) | 15 अक्टूबर 1931 |
| जन्म स्थान (Place of Birth) | रामेश्वरम, तमिलनाडु, भारत |
| पिता का नाम (Father’s Name) | जैनुलाब्दीन (नाविक और मस्जिद के इमाम) |
| माता का नाम (Mother’s Name) | आशियम्मा (गृहणी) |
| धर्म (Religion) | इस्लाम (Islam) |
| राष्ट्रीयता (Nationality) | भारतीय (Indian) |
| शिक्षा (Education) | • सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली (B.Sc – Physics) • मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Aerospace Engineering) |
| पेशा / पहचान (Profession) | एयरोस्पेस इंजीनियर, वैज्ञानिक, लेखक, भारत के 11वें राष्ट्रपति |
| भारत के राष्ट्रपति पद का कार्यकाल | 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 (11वें राष्ट्रपति) |
| मुख्य वैज्ञानिक उपलब्धियां | • SLV-III प्रोजेक्ट डायरेक्टर (ISRO) • IGMDP मिसाइल प्रोग्राम (Agni & Prithvi Missiles) • पोखरण-II परमाणु परीक्षण (1998) |
| प्रमुख पुस्तकें (Famous Books) | ‘अग्नि की उड़ान’ (Wings of Fire), ‘इंडिया 2020’, ‘इग्नाइटेड माइंड्स’ |
| सर्वोच्च पुरस्कार (Top Award) | भारत रत्न (1997) |
| निधन तिथि (Date of Death) | 27 जुलाई 2015 (उम्र 83 वर्ष) |
| निधन स्थान (Place of Death) | शिलांग, मेघालय (IIM Shillong में व्याख्यान देते समय) |
| समाधि स्थल (Memorial) | डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम नेशनल मेमोरियल, पीकरुम्बू, रामेश्वरम |
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम: वैज्ञानिक जीवन (Table Format)
| समयावधि / चरण | संगठन / पद | प्रमुख वैज्ञानिक योगदान और उपलब्धियां |
| 1960 | DRDO (वरिष्ठ वैज्ञानिक) | • एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADE) में शामिल हुए। • भारतीय सेना के लिए एक छोटा होवरक्राफ्ट (Hovercraft) डिजाइन किया। |
| 1969 – 1982 | ISRO (प्रोजेक्ट डायरेक्टर) | • भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (SLV-III) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर बने। • जुलाई 1980 में ‘रोहिणी’ उपग्रह को सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया, जिससे भारत स्पेस क्लब का सदस्य बना। |
| 1982 – 1999 | DRDO (डायरेक्टर & मुख्य वैज्ञानिक) | • IGMDP (एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम) का नेतृत्व किया। • पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, नाग और आकाश जैसी घातक मिसाइलों का सफल निर्माण किया, जिससे उन्हें ‘मिसाइल मैन’ की उपाधि मिली। |
| 1998 | पोखरण-II परमाणु परीक्षण | • राजस्थान के पोखरण में हुए दूसरे सफल परमाणु परीक्षण (Operation Shakti) के मुख्य वैज्ञानिक और रणनीतिक सूत्रधार रहे। • भारत को एक सक्षम और आत्मनिर्भर परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाया। |
| 1999 – 2001 | मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार | • भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार (Principal Scientific Adviser) और कैबिनेट मंत्री के स्तर पर सेवाएं दीं। • ‘विजन 2020’ का रोडमैप तैयार किया। |
| चिकित्सा क्षेत्र में योगदान | स्वास्थ्य और सामाजिक तकनीक | • कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सोमा राजू के साथ मिलकर कम कीमत वाला ‘कलाम-राजू स्टेंट’ (Kalam-Raju Stent) बनाया। • विकलांग बच्चों के लिए 3kg के भारी कैलीपर्स की जगह 300g का हल्का कैलीपर डिजाइन किया। |
APJ Abdul Kalam – भारत के राष्ट्रपति के रूप में (2002 – 2007)
10 जून 2002 को तत्कालीन सत्ताधारी एनडीए (NDA) सरकार और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने मिलकर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का नाम भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में प्रस्तावित किया। 25 जुलाई 2002 को उन्होंने भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद की शपथ ली। वे भारत के तीसरे ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्हें पद संभालने से पहले ही देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जा चुका था (डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ. जाकिर हुसैन के बाद)।
राष्ट्रपति भवन में उनका 5 साल का कार्यकाल साधारण नहीं, बल्कि ऐतिहासिक रहा। वे किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े थे, इसलिए उन्होंने इस पद की गरिमा और कार्यशैली को एक नया रूप दिया।
राष्ट्रपति के रूप में उनके कार्यकाल की मुख्य बातें:
- ‘जनता के राष्ट्रपति’ (People’s President): डॉ. कलाम ने राष्ट्रपति भवन के दरवाजे आम जनता और विशेष रूप से बच्चों के लिए खोल दिए। वे प्रोटोकॉल तोड़कर भी बच्चों और आम नागरिकों से मिलते थे, इसीलिए उन्हें प्यार से ‘पीपुल्स प्रेसिडेंट’ कहा गया।
- ऑफिस ऑफ प्रॉफिट बिल (Office of Profit Bill): अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संविधान और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। 2006 में जब संसद ने ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ विधेयक पारित किया, तो कलाम साहब ने इस पर सवाल उठाते हुए इसे पुनर्विचार के लिए संसद को वापस लौटा दिया था। यह निर्णय उनके स्वतंत्र और निष्पक्ष दृष्टिकोण को दर्शाता है।
- सादगी और ईमानदारी की मिसाल: राष्ट्रपति भवन में प्रवेश करते समय उनके पास केवल दो सूटकेस थे, और कार्यकाल खत्म होने के बाद बाहर निकलते समय भी उनके पास केवल वही दो सूटकेस थे। यहाँ तक कि राष्ट्रपति भवन में आए उनके रिश्तेदारों के रुकने और खाने-पीने का पूरा निजी खर्च कलाम साहब ने अपने वेतन से चुकाया था, न कि सरकारी खजाने से।
- युवाओं से संवाद की निरंतरता: राष्ट्रपति रहते हुए भी उनका सबसे प्रिय काम बच्चों से बात करना था। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान लाखों स्कूली छात्रों से मुलाकात की और उन्हें देश के विकास में योगदान देने की शपथ दिलाई।
- दूसरे कार्यकाल से इनकार: 2007 में कार्यकाल समाप्त होने पर जनता और कई राजनीतिक दल चाहते थे कि वे दूसरे कार्यकाल के लिए भी राष्ट्रपति बनें। लेकिन राजनीतिक आम सहमति न बनने के कारण उन्होंने पूरी शालीनता से दूसरे कार्यकाल की दौड़ से खुद को अलग कर लिया।
APJ Abdul Kalam – राष्ट्रपति पद के बाद का जीवन (Post-Presidency)
2007 में भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में अपना सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने आराम करने के बजाय खुद को फिर से अपनी सबसे पसंदीदा चीज़—‘शिक्षा और युवाओं का मार्गदर्शन’ में समर्पित कर दिया। राष्ट्रपति भवन छोड़ने के बाद वे एक बार फिर अपने पुराने और प्रिय रूप ‘शिक्षक’ की भूमिका में लौट आए।
राष्ट्रपति पद के बाद उनके जीवन की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्यापन (Teaching Career): वे आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad), आईआईएम इंदौर (IIM Indore) और आईआईएम शिलांग (IIM Shillong) में विजिटिंग प्रोफेसर रहे। इसके अलावा वे अन्ना यूनिवर्सिटी, बीएचयू (BHU) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIST) से भी विजिटिंग फेलो के रूप में लगातार जुड़े रहे।
- युवाओं को प्रेरित करने की मुहिम: कलाम साहब का दृढ़ विश्वास था कि भारत का भविष्य यहाँ के युवाओं में बसता है। वे देश-विदेश के स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों से संवाद करते थे और उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करते थे।
- ‘व्हाट कैन आई गिव’ मूवमेंट (‘What Can I Give’ Movement): 2012 में उन्होंने भारत के युवाओं के लिए एक विशेष पहल “व्हाट कैन आई गिव” (What Can I Give Movement) की शुरुआत की, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता फैलाना और समाज में देने (सेवा करने) की भावना विकसित करना था।
- लेखन कार्य में सक्रियता: पोस्ट-प्रेसीडेंसी के दौरान भी वे लगातार लिखते रहे। उन्होंने ‘टर्निंग पॉइंट्स’ (Turning Points), ‘टार्गेट 3 बिलियन’ (Target 3 Billion) और ‘माई जर्नी’ (My Journey) जैसी कई प्रसिद्ध किताबें इसी दौर में लिखीं।
- अंतिम सांस तक शिक्षण: डॉ. कलाम हमेशा कहते थे कि वे एक शिक्षक के रूप में ही याद जाना चाहते हैं। 27 जुलाई 2015 को जब वे आईआईएम शिलांग में छात्रों को संबोधित कर रहे थे, तभी उन्हें दिल का दौरा पड़ा। वे अंतिम क्षण तक वह काम करते रहे जिससे वे सबसे ज्यादा प्यार करते थे—छात्रों को पढ़ाना।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम: पुरस्कार और उपलब्धियां (Table Format)
| वर्ष (Year) | पुरस्कार / उपलब्धि (Award / Achievement) | विवरण / सम्मानितकर्ता (Description / Honored By) |
| 1981 | पद्म भूषण (Padma Bhushan) | भारत सरकार द्वारा देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान से सम्मानित। |
| 1990 | पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) | ISRO और DRDO में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा सम्मानित। |
| 1997 | भारत रत्न (Bharat Ratna) | भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान; वैज्ञानिक अनुसंधान और रक्षा प्रौद्योगिकी के आधुनिकीकरण के लिए। |
| 1997 | इंदिरा गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए दिया गया। |
| 1998 | वीर सावरकर पुरस्कार | भारत सरकार द्वारा देश सेवा और रक्षा अनुसंधान में योगदान के लिए प्रदान किया गया। |
| 2000 | रामानुजन पुरस्कार | एआईएमपीएस (SASTRA University) द्वारा विज्ञान में योगदान के लिए सम्मानित। |
| 2002 – 2007 | भारत के 11वें राष्ट्रपति | वे भारत के 11वें राष्ट्रपति बने और जनता के बीच “जनता के राष्ट्रपति” (People’s President) के रूप में लोकप्रिय हुए। |
| 2007 | किंग चार्ल्स II मेडल | रॉयल सोसाइटी (UK) द्वारा भारत में वैज्ञानिक प्रगति में योगदान के लिए दिया गया। |
| 2009 | हुवर मेडल (Hoover Medal) | एएसएमई इंटरनेशनल (USA) द्वारा मानवता के लिए उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित। |
| 2013 | वॉन ब्रौन अवार्ड (Von Braun Award) | नेशनल स्पेस सोसाइटी (USA) द्वारा अंतरिक्ष विकास और नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया। |
कलाम साहब की प्रसिद्ध पुस्तकें
- 1. अग्नि की उड़ान (Wings of Fire)
- यह डॉ. कलाम की बहुचर्चित आत्मकथा है। इसमें उनके बचपन के संघर्षों, इसरो (ISRO) और डीआरडीओ (DRDO) में उनके योगदान तथा भारत के मिसाइल कार्यक्रम की सफलता की कहानी दर्शाई गई है।
- 2. इंडिया 2020: नए हजार वर्ष का भारत (India 2020)
- इस पुस्तक में कलाम साहब ने भारत को एक विकसित देश बनाने का खाका (Blueprint) तैयार किया था। इसमें तकनीक, शिक्षा और अर्थव्यवस्था के माध्यम से भारत को 2020 तक महाशक्ति बनाने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है।
- 3. इग्नाइटेड माइंड्स (Ignited Minds: Unleashing the Power Within India)
- यह पुस्तक विशेष रूप से देश के युवाओं को समर्पित है। इसमें उन्होंने बताया है कि कैसे युवाओं की सोच और ऊर्जा भारत को एक महान राष्ट्र बना सकती है।
- 4. टर्निंग पॉइंट्स (Turning Points: A Journey Through Challenges)
- यह किताब ‘अग्नि की उड़ान’ का अगला भाग मानी जाती है। इसमें डॉ. कलाम ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के अनुभवों, चुनौतियों और लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों को साझा किया है।
- 5. माई जर्नी: ट्रांसफॉर्मिंग ड्रीम्स इनटू एक्शंस (My Journey)
- इस पुस्तक में कलाम साहब ने अपने व्यक्तिगत जीवन की यादों, अपने माता-पिता के संस्कारों और उन घटनाओं का जिक्र किया है जिन्होंने उनके जीवन को आकार दिया।
- 6. टारगेट 3 बिलियन (Target 3 Billion)
- इस किताब में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाली 3 अरब आबादी के जीवन स्तर को सुधारने के लिए व्यावहारिक विचार और मॉडल पेश किए हैं।
- 7. प्रेरणादायी विचार (Inspiring Thoughts)
- इस पुस्तक में डॉ. कलाम के जीवन-दर्शन, नैतिक मूल्यों और सफलता के लिए आवश्यक अनमोल विचारों का संग्रह है।
निष्कर्ष: जीवन से मिलने वाले संदेश
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन कोई साधारण कहानी नहीं है; यह एक आंदोलन है। उन्होंने दिखाया कि बिना किसी अमीर पृष्ठभूमि, बिना किसी राजनीतिक सिफारिश और बिना किसी घमंड के भी इंसान दुनिया के सर्वोच्च शिखर पर पहुँच सकता है।
उनका जीवन हमें सिखाता है कि:
- आपकी पृष्ठभूमि (आप कहाँ से आए हैं) यह तय नहीं करती कि आप कहाँ तक जाएंगे।
- असफलताएँ अंत नहीं हैं, बल्कि वे सफलता के रास्ते का पहला पाठ हैं।
- सच्चा पद या सम्मान पदवियों से नहीं, बल्कि आपके चरित्र और लोगों के प्रति आपकी सेवा भावना से आता है।
डॉ. कलाम आज हमारे बीच भौतिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी सीख, उनके विचार और उनके सपने हर उस भारतीय के दिल में जिंदा हैं जो देश के लिए कुछ कर गुजरना चाहता है।