Last Updated on September 2, 2026 by Virender Yadav
भोजपुरी सिनेमा और संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मनोज तिवारी आज राजनीति के क्षेत्र में भी एक जाना-पहचाना नाम हैं। एक गायक और अभिनेता के रूप में लोकप्रियता हासिल करने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनीति में अपनी जगह बनाई।
मनोज तिवारी ने भोजपुरी फिल्मों में अभिनय के साथ-साथ गायकी के माध्यम से भी खूब लोकप्रियता हासिल की। उनकी फिल्म ससुरा बड़ा पैसा वाला ने भोजपुरी सिनेमा में उन्हें एक बड़ी पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने कई सफल भोजपुरी फिल्मों में काम किया और भोजपुरी संगीत को भी देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में योगदान दिया।
राजनीति में आने के बाद उन्होंने पहले समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद वर्ष 2014 में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और उसी वर्ष उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार संसद पहुंचे।
इसके बाद वे 2019 और 2024 में भी लोकसभा चुनाव जीतने में सफल रहे। इस तरह वे लगातार तीन बार उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद चुने जा चुके हैं।
परिचय (Quick Overview)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | मनोज कुमार तिवारी |
| प्रसिद्ध नाम | मनोज तिवारी |
| जन्म | 1 फरवरी 1971 |
| जन्म स्थान | वाराणसी, उत्तर प्रदेश |
| पैतृक गांव | अटरवलिया, कैमूर, बिहार |
| पिता | चंद्रदेव तिवारी |
| माता | ललिता देवी |
| शिक्षा | स्नातकोत्तर |
| विश्वविद्यालय | बनारस हिंदू विश्वविद्यालय |
| पेशा | गायक, अभिनेता, टीवी प्रस्तोता और राजनेता |
| राजनीतिक दल | भारतीय जनता पार्टी |
| लोकसभा क्षेत्र | उत्तर-पूर्वी दिल्ली |
| पहली बार सांसद | 2014 |
| वर्तमान राजनीतिक पहचान | लोकसभा सांसद |
| प्रसिद्ध फिल्म | ससुरा बड़ा पैसा वाला |
जन्म और शुरुआती जीवन

मनोज तिवारी का जन्म 1 फरवरी 1971 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ था। उनका पैतृक संबंध बिहार के कैमूर जिले के अटरवलिया गांव से है।
उनके पिता का नाम चंद्रदेव तिवारी और माता का नाम ललिता देवी है। उनका परिवार साधारण पृष्ठभूमि से था। बचपन से ही मनोज तिवारी की रुचि संगीत और गायकी में थी।
उनका बचपन उत्तर प्रदेश और बिहार की सांस्कृतिक वातावरण से प्रभावित रहा। भोजपुरी भाषा, लोकगीत और पारंपरिक संगीत से उनका लगाव धीरे-धीरे बढ़ता गया। यही रुचि आगे चलकर उनके Career की सबसे बड़ी ताकत बनी।
मनोज तिवारी ने केवल मनोरंजन की दुनिया में ही पहचान नहीं बनाई, बल्कि अपनी मेहनत और लोकप्रियता के आधार पर बाद में राजनीति में भी सफलता हासिल की।
शिक्षा
मनोज तिवारी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाया।
उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से शिक्षा प्राप्त की और शारीरिक शिक्षा में स्नातकोत्तर डिग्री (M.P.Ed.) हासिल की।
शिक्षा के दौरान भी उनका झुकाव संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों की ओर बना रहा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने गायकी को अपने Career का प्रमुख हिस्सा बनाया।
उनका शिक्षा और संगीत दोनों से जुड़ा अनुभव बाद में उनके व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा बना।
गायकी से Career की शुरुआत
मनोज तिवारी के मनोरंजन जगत के Career की शुरुआत फिल्मों से नहीं बल्कि गायकी से हुई थी।
उन्होंने कई वर्षों तक भोजपुरी गीत गाए और विभिन्न मंचों पर अपनी प्रस्तुति दी। धीरे-धीरे उनकी आवाज भोजपुरी संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय होने लगी।
उनकी गायकी की खासियत यह थी कि वे भोजपुरी लोकभाषा और आम लोगों की भावनाओं से जुड़े गीतों को आसानी से अपनी आवाज में प्रस्तुत करते थे।
भोजपुरी संगीत में लोकप्रियता मिलने के बाद उन्हें फिल्मों में अभिनय करने का अवसर मिला।
फिल्मी Career
मनोज तिवारी के फिल्मी Career का सबसे बड़ा Turning Point वर्ष 2003 में आया।
इस वर्ष उनकी फिल्म ससुरा बड़ा पैसा वाला रिलीज हुई। फिल्म को दर्शकों ने जबरदस्त पसंद किया और मनोज तिवारी रातोंरात भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल हो गए।
इस फिल्म की सफलता ने भोजपुरी फिल्मों के बाजार को भी नई पहचान दिलाने में मदद की। मनोज तिवारी की लोकप्रियता बिहार और उत्तर प्रदेश से निकलकर देश के दूसरे हिस्सों में रहने वाले भोजपुरी भाषी लोगों तक पहुंचने लगी।
इसके बाद उन्होंने कई भोजपुरी फिल्मों में काम किया।
उनकी चर्चित फिल्मों में –
- ससुरा बड़ा पैसा वाला
- बंधन टूटे ना
- दरोगा बाबू आई लव यू
- कब अइबू अंगनवा हमार
- ऐ भौजी के सिस्टर
- औरत खिलौना नहीं
- धरती कहे पुकार के
जैसी फिल्में शामिल हैं।
भोजपुरी सिनेमा में योगदान
मनोज तिवारी को भोजपुरी सिनेमा के उन कलाकारों में गिना जाता है जिन्होंने भोजपुरी फिल्मों और संगीत को बड़े स्तर पर लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके समय में भोजपुरी फिल्मों का दर्शक वर्ग तेजी से बढ़ा। उनकी फिल्मों और गीतों को बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले भोजपुरी भाषी लोगों ने खूब पसंद किया।
बाद में भोजपुरी सिनेमा में दिनेश लाल यादव निरहुआ, पवन सिंह और खेसारी लाल यादव जैसे कलाकार भी बड़े सितारे बने।
मनोज तिवारी को भोजपुरी फिल्म उद्योग की उस पीढ़ी का महत्वपूर्ण कलाकार माना जाता है जिसने इस क्षेत्रीय सिनेमा को व्यापक पहचान दिलाने में योगदान दिया।
Televisionऔर Bigg Boss
मनोज तिवारी केवल फिल्मों और गायकी तक सीमित नहीं रहे।
वर्ष 2010 में उन्होंने लोकप्रिय रियलिटी शो Bigg Boss 4 में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें देशभर के हिंदी दर्शकों के बीच और अधिक पहचान मिली।
टेलीविजन पर उनकी उपस्थिति ने उनके व्यक्तित्व को भोजपुरी सिनेमा के दर्शकों से आगे बढ़ाकर राष्ट्रीय स्तर के दर्शकों तक पहुंचाया।
राजनीति में प्रवेश
मनोज तिवारी ने वर्ष 2009 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में गोरखपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। उस चुनाव में उनका मुकाबला योगी आदित्यनाथ से हुआ, लेकिन वे चुनाव जीत नहीं सके।
यह उनकी राजनीतिक यात्रा की पहली बड़ी कोशिश थी, लेकिन असफलता के बाद उन्होंने राजनीति से दूरी नहीं बनाई।
कुछ समय बाद उनकी राजनीतिक दिशा बदली और वर्ष 2014 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।
2014 में पहली बार सांसद बने
वर्ष 2014 में मनोज तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा।
इस चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और पहली बार लोकसभा के सदस्य बने।
यह उनके Political Career का सबसे बड़ा Turning Point था।
एक भोजपुरी अभिनेता और गायक से सांसद बनने के बाद उनकी पहचान राष्ट्रीय राजनीति में भी मजबूत हो गई।
दिल्ली BJP अध्यक्ष
वर्ष 2016 में मनोज तिवारी को दिल्ली भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उन्होंने दिल्ली में पार्टी संगठन को मजबूत करने का काम किया। वर्ष 2017 के दिल्ली नगर निगम चुनाव में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया और मनोज तिवारी के नेतृत्व की भी चर्चा हुई।
हालांकि वे लंबे समय तक प्रदेश अध्यक्ष नहीं रहे और वर्ष 2020 में इस पद से हट गए।
इसके बाद भी वे दिल्ली की राजनीति में सक्रिय बने रहे।
2019 लोकसभा चुनाव
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में मनोज तिवारी ने एक बार फिर उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा।
इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से हुआ।
मनोज तिवारी ने यह चुनाव भी जीत लिया और लगातार दूसरी बार लोकसभा सांसद बने।
यह जीत उनके राजनीतिक Career में महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
2024 लोकसभा चुनाव
वर्ष 2024 में भी भारतीय जनता पार्टी ने मनोज तिवारी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया।
उन्होंने लगातार तीसरी बार इस सीट से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया।
इस जीत के साथ मनोज तिवारी तीसरी बार लोकसभा सांसद बने।
उनका यह राजनीतिक सफर खास इसलिए है क्योंकि उन्होंने मनोरंजन जगत से राजनीति में आने के बाद लगातार चुनावी सफलता हासिल की।
वर्तमान Political Career
2026 में मनोज तिवारी उत्तर-पूर्वी दिल्ली से लोकसभा सांसद के रूप में सक्रिय हैं।
वे अब दिल्ली BJP के प्रदेश अध्यक्ष नहीं हैं। इसलिए आपकी पुरानी पोस्ट में जहां उन्हें दिल्ली BJP अध्यक्ष बताया गया है, उस जानकारी को हटाना जरूरी है।
उनकी वर्तमान पहचान एक तीन बार निर्वाचित लोकसभा सांसद, गायक और अभिनेता के रूप में है।
राजनीति के साथ-साथ वे भोजपुरी संगीत और मनोरंजन की दुनिया से भी जुड़े हुए हैं।
मनोज तिवारी का परिवार
मनोज तिवारी के पिता का नाम चंद्रदेव तिवारी और माता का नाम ललिता देवी है।
उनका पारिवारिक जीवन समय-समय पर सार्वजनिक चर्चा में भी रहा है। उनकी पहली पत्नी का नाम रानी तिवारी था। दोनों का विवाह वर्ष 1999 में हुआ था और बाद में दोनों अलग हो गए।
बाद में मनोज तिवारी ने सुरभि तिवारी से विवाह किया।
मनोज तिवारी के बच्चों में उनकी बेटियां भी शामिल हैं और वे अपने पारिवारिक जीवन को लेकर समय-समय पर मीडिया में चर्चा में रहे हैं।
मनोज तिवारी की लोकप्रियता का कारण
मनोज तिवारी की लोकप्रियता केवल फिल्मों के कारण नहीं है।
उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी भोजपुरी भाषा और लोकसंस्कृति से जुड़ाव है।
उन्होंने भोजपुरी गीतों के माध्यम से गांव, परिवार, प्रेम, सामाजिक जीवन और आम लोगों की भावनाओं को आवाज दी। यही कारण है कि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच उनकी मजबूत लोकप्रियता बनी।
बाद में राजनीति में आने के बाद उन्होंने इसी जनसंपर्क और लोकप्रियता को राजनीतिक क्षेत्र में भी इस्तेमाल किया।
मनोज तिवारी और सामाजिक पहचान
मनोज तिवारी को पूर्वांचल और भोजपुरी समाज की आवाज उठाने वाले प्रमुख चेहरों में भी देखा जाता है।
दिल्ली में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आने वाली बड़ी आबादी रहती है। इस समुदाय के बीच उनकी भोजपुरी कलाकार के रूप में पहले से मजबूत पहचान थी।
राजनीति में आने के बाद उनकी यही पहचान उनके लिए जनसंपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बनी।
मनोज तिवारी से जुड़े रोचक तथ्य
- मनोज तिवारी का जन्म 1 फरवरी 1971 को हुआ था।
- उनका जन्म वाराणसी में हुआ, जबकि उनका पैतृक गांव बिहार के कैमूर जिले में है।
- उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
- वे शारीरिक शिक्षा में स्नातकोत्तर हैं।
- फिल्मों में आने से पहले उन्होंने कई वर्षों तक गायकी की।
- ससुरा बड़ा पैसा वाला ने उन्हें भोजपुरी सिनेमा का बड़ा स्टार बनाया।
- उन्होंने Bigg Boss 4 में हिस्सा लिया था।
- उन्होंने 2009 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था।
- वर्ष 2014 में वे भाजपा में शामिल हुए।
- 2014 में पहली बार लोकसभा सांसद बने।
- 2016 में उन्हें दिल्ली भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
- 2019 में वे दूसरी बार लोकसभा सांसद बने।
- 2024 में वे तीसरी बार लोकसभा सांसद चुने गए।
- वे भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता और गायक रहे हैं।
- वे राजनीति के साथ आज भी संगीत से जुड़े हुए हैं।
मनोज तिवारी की Net Worth
मनोज तिवारी की संपत्ति को लेकर इंटरनेट पर अलग-अलग आंकड़े देखने को मिलते हैं। इसलिए किसी अनुमानित रकम को उनकी वास्तविक Net Worth बताना उचित नहीं होगा।
चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्ति और वर्तमान बाजार मूल्य को एक ही चीज नहीं माना जा सकता। इसलिए आपकी वेबसाइट पर Net Worth लिखते समय प्रमाणित चुनावी घोषणा को प्राथमिकता देना ज्यादा सही रहेगा।
यही तरीका Biography Article को अधिक विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाता है।
मनोज तिवारी की पसंद
मनोज तिवारी को भोजपुरी भोजन और पारंपरिक व्यंजन काफी पसंद हैं। वे भोजपुरी संस्कृति, लोकगीत और भारतीय परंपराओं से गहरा जुड़ाव रखते हैं।
उनका संगीत और अभिनय Career भी उनकी इसी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से प्रभावित रहा है।
मनोज तिवारी की सफलता की कहानी
मनोज तिवारी की सफलता की कहानी को तीन हिस्सों में समझा जा सकता है।
पहला चरण था गायकी, जहां उन्होंने वर्षों तक मेहनत करके अपनी आवाज की पहचान बनाई।
दूसरा चरण था भोजपुरी सिनेमा, जहां ससुरा बड़ा पैसा वाला जैसी फिल्म ने उन्हें बड़ा स्टार बना दिया।
तीसरा और सबसे चुनौतीपूर्ण चरण था राजनीति, जहां एक अभिनेता के रूप में मिली लोकप्रियता को राजनीतिक विश्वास में बदलना आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने लगातार चुनाव जीतकर यह साबित किया कि वे केवल फिल्मी सितारे नहीं बल्कि एक सफल राजनेता भी बन सकते हैं।
मनोज तिवारी से मिलने वाली सीख
मनोज तिवारी के जीवन से सबसे बड़ी सीख यह मिलती है कि Career में बदलाव से डरना नहीं चाहिए।
उन्होंने गायकी से शुरुआत की, फिर फिल्मों में आए और बाद में राजनीति में प्रवेश किया। हर क्षेत्र में उन्हें नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
उनकी कहानी बताती है कि यदि व्यक्ति अपने अनुभव और लोकप्रियता का सही उपयोग करे तो वह अपने Career में नई दिशा बना सकता है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. मनोज तिवारी का जन्म कब हुआ था?
मनोज तिवारी का जन्म 1 फरवरी 1971 को वाराणसी, उत्तर प्रदेश में हुआ था।
2. मनोज तिवारी कहां से सांसद हैं?
मनोज तिवारी उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं।
3. मनोज तिवारी कितनी बार सांसद चुने गए हैं?
2024 के लोकसभा चुनाव तक वे तीन बार उत्तर-पूर्वी दिल्ली से लोकसभा सांसद चुने जा चुके हैं।
4. मनोज तिवारी की सबसे प्रसिद्ध भोजपुरी फिल्म कौन-सी है?
उनकी सबसे प्रसिद्ध फिल्मों में ससुरा बड़ा पैसा वाला का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
5. मनोज तिवारी ने राजनीति कब शुरू की?
उन्होंने वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव लड़कर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।
6. मनोज तिवारी BJP में कब शामिल हुए?
वे वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए।
7. क्या मनोज तिवारी दिल्ली BJP के अध्यक्ष रह चुके हैं?
हाँ। वे वर्ष 2016 से 2020 तक दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे।
8. मनोज तिवारी की शिक्षा क्या है?
उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से शारीरिक शिक्षा में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है।
9. मनोज तिवारी ने Bigg Boss में कब हिस्सा लिया?
उन्होंने वर्ष 2010 में Bigg Boss के चौथे सीजन में हिस्सा लिया था।
10. मनोज तिवारी का मुख्य पेशा क्या है?
मनोज तिवारी गायक, अभिनेता, टीवी प्रस्तोता और राजनेता हैं। वर्तमान में उनकी प्रमुख सार्वजनिक पहचान लोकसभा सांसद के रूप में है।
निष्कर्ष
मनोज तिवारी का जीवन परिचय एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसने गायकी से अपने Career की शुरुआत की, भोजपुरी सिनेमा में बड़ा मुकाम हासिल किया और फिर राजनीति में प्रवेश करके राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
ससुरा बड़ा पैसा वाला जैसी सफल फिल्म ने उन्हें भोजपुरी सिनेमा का लोकप्रिय चेहरा बनाया। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन और संगीत के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाए रखी।
वर्ष 2009 में राजनीति में उनकी पहली कोशिश सफल नहीं रही, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वर्ष 2014 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने उत्तर-पूर्वी दिल्ली से लोकसभा चुनाव जीता। इसके बाद 2019 और 2024 में भी जीत हासिल करके वे लगातार तीन बार सांसद बने।
मनोज तिवारी का सफर यह बताता है कि सफलता के लिए केवल प्रतिभा ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि समय के साथ खुद को बदलने और नई चुनौतियों को स्वीकार करने की क्षमता भी जरूरी होती है।